बिहार में कोरोना संक्रमण की दर घटी है। एक तरफ जांच की संख्या बढ़ी है और जांच में तेजी आई है तो दूसरी तरफ संक्रमितों की संख्या में भी कमी हो रही है। राजधानी पटना में अब मात्र दो हजार के लगभग सक्रिय मरीज बचे हैं, जबकि रिकवरी रेट 90 फीसदी तक पहुंच गयी है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की राय में यह बहुत बड़ी राहत की बात है। एक तरफ लॉकडाउन में छूट मिलने से लोगों में राहत है तो दूसरी तरफ चिकित्सकों द्वारा इस समय ज्यादा से ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। उनका कहना है कि कोरोना अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी बरती जाए तो राज्य से इसे पूरी तरह से खत्म किया जा सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि राज्य में संक्रमण घटने का मुख्य कारण जांच में तेजी आना है तो दूसरी तरफ बिहार के लोगों में प्रतिरोधक क्षमता का बेहतर होना भी है।एम्स पटना के रोना के नोडल पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि एक तरफ देश में कोरोना प्रतिदिन 90 हजार से 1 लाख लोग मिल रहे हैं। ऐसे में बिहार के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। यहां पर संक्रमण जरूर कम हो गया है लेकिन लॉकडाउन के छूट के बाद लोगों का बाहर से आना भी शुरू हो जाएगा। ऐसे में मुख्य रूप से तीन बातों पर विशेष ध्यान देना होगा। भीड़ से बचना, मास्क पहनना और हाथ की धुलाई बहुत जरूरी है। छोटी-छोटी सावधानी अपनाकर ना सिर्फ अपने को बल्कि दूसरों को भी बचाया जा सकता है
– डॉक्टर संजीव कुमार, नोडल पदाधिकारी, कोरोना एम्स पटना।
बिहार में कोरोना संक्रमण का दर निश्चित रूप से बहुत कम है। यह अब घटकर 4 से 5 प्रतिशत तक पहुंच गयी है। इसका मुख्य कारण जांच में तेजी आना है। बिहार सबसे ज्यादा जांच होने वाले शीर्ष राज्यों में शामिल हो गया है। इससे जिन लोगों को संक्रमण का पता चलता है वे होम क्वॉरंटाइन या आइसोलेशन में हो जाते हैं। इससे वे दूसरे को संक्रमण नहीं फैला रहे हैं। यही कारण है कि संक्रमण में कमी आ रही है और दूसरी तरफ रिकवरी रेट तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और हाथ की धुलाई से छूट के बचाव हो सकता है और दूसरे को भी बचाया जा सकता है कोरोना संक्रमण से बचने का सबसे उत्तम तरीका है कि लोगों की प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे। इसको बढ़ाने और बनाने के लिए आयुष मंत्रालय द्वारा जारी काढ़ा को प्रतिदिन पीना चाहिए। हल्दी – दूध का सेवन करना चाहिए, इससे लोगों में इम्युनिटी पावर बढ़ेगी तो संक्रमण दर कम होगी। दूसरे भीड़ से बचना भी काफी जरूरी है। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क का प्रयोग जरूर करना चाहिए। इसे संक्रमण का फैलाव रुकेगा। बिहार में संक्रमण का प्रतिशत घटा है। कोरोना ख़त्म नहीं हुआ। लॉकडाउन हमारी सुविधाओं के लिए खत्म हुआ है। लोग इन बातों को समझें जो एहतियात है वो बरतें। मास्क, सैनेटाइजर और सामाजिक दूरी को अपनी दिनचर्या में शामिल करे एवं अपने शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को विकसित करें। बेवजह की अफवाहों से बचें। खुद को सुरक्षित रखें, सब सुरक्षित रहेंगे। ranjana pandey



