रांची:झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले को पूरी तरह से निरस्त कर दिया है। राज्य सरकार ने अगस्त 2026 में छात्र आंदोलनों और सीआईडी (CID) जांच का हवाला देते हुए JSSC CGL परीक्षा और विज्ञापन को रद्द करने की जो अधिसूचना जारी की थी, कोर्ट ने उसे पूरी तरह से खारिज कर दिया है।इस फैसले के बाद परीक्षा में सफल होकर राज्य के विभिन्न विभागों में चयनित हुए करीब 2300 अभ्यर्थियों की नौकरी पर मंडरा रहा संकट खत्म हो गया है और उनकी नियुक्तियां बरकरार रहेंगी।
राज्य सरकार के फैसले के बाद भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने छात्रों की पीठ में खंजर घोंपने का काम किया है। छात्र आंदोलन के दौरान विवादास्पद परीक्षाओं में सफल अभ्यर्थियों को बर्खास्त करने के लिए सरकार ने जानबूझकर ऐसा कमजोर आदेश जारी किया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ था।प्रतुल शाहदेव ने कहा कि सरकार का यह आदेश न्यायिक समीक्षा में टिकने वाला नहीं था और उच्च न्यायालय में भी यही हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों और कमजोर फैसलों का खामियाजा निर्दोष अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ रहा है।भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सरकार एक बार फिर निर्दोष छात्रों को सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर कर रही है। उन्होंने राज्य सरकार से छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए उचित और न्यायसंगत निर्णय लेने की मांग की।




