रांची: सरायकेला जिले के गम्हरिया थाना परिसर में एक महिला के साथ पुलिसकर्मी द्वारा कथित दुष्कर्म की घटना को लेकर भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने घटना को अत्यंत शर्मनाक और चिंताजनक बताते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इससे पहले बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में भी अल्पसंख्यक समाज की एक महिला कैदी के यौन शोषण और गर्भवती होने का मामला सामने आया था। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले ही उनका शोषण करने लगें, तो आखिर महिलाएं सुरक्षा की उम्मीद किससे करेंगी?उन्होंने सवाल उठाया कि जब जेल और थाने जैसे सुरक्षित माने जाने वाले सरकारी परिसरों में ही महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। वर्दी की आड़ में ऐसी घटनाएं पुलिस व्यवस्था और कानून के प्रति आम जनता के विश्वास को कमजोर करती हैं।
मरांडी ने डीजीपी तदाशा मिश्रा की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिला डीजीपी होने के बावजूद महिलाओं के खिलाफ दुष्कर्म और यौन शोषण की घटनाएं सामने आना चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था में सुधार के बजाय पुलिस महकमे में अवैध वसूली और उगाही जैसी गतिविधियों पर ध्यान दिया जा रहा है। बाबूलाल मरांडी ने सरायकेला के पुलिस अधीक्षक से मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई जरूरी है, ताकि पुलिस व्यवस्था पर जनता का भरोसा कायम रह सके।




