नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के 10 राजाजी मार्ग स्थित आवास पर 31 अक्टूबर 2026 को ‘मॉक पार्लियामेंट’ (सांकेतिक जन महाभियोग) का आयोजन किया गया। विपक्षी दलों के ‘INDIA’ गठबंधन द्वारा आयोजित इस प्रतीकात्मक कार्यवाही में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन महाभियोग लाया गया।इस मॉक पार्लियामेंट की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने की, जिन्होंने इसमें ‘स्पीकर’ की भूमिका निभाई।कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 6 प्रमुख आरोपों का प्रस्ताव पेश किया। विपक्ष का मुख्य आरोप मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) की आड़ में गड़बड़ी करने और बिना संसदीय मंजूरी के फॉर्म-6 का प्रारूप बदलने का है।इस मॉक पार्लियामेंट में समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव सहित लगभग 19 से 20 विपक्षी दलों के नेता और सांसद शामिल हुए। इस दौरान राहुल गांधी, सोनिया गांधी, महबूबा मुफ्ती और कई अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। इसमें शामिल हर पार्टी के एक-एक सदस्य को बोलने का मौका दिया गया, जिसमें अधिकांश नेताओं के लिए 5-5 मिनट तय किए गए थे, जबकि समाजवादी पार्टी (SP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) को अपनी बात रखने के लिए 10-10 मिनट का समय मिला। अंत में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने समापन भाषण दिया।




