साहिबगंज: झारखंड के साहिबगंज (बोरियो) के रहने वाले 14 वर्षीय जीत रक्षित, जो डचेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (DMD) नाम की एक बेहद दुर्लभ और गंभीर आनुवंशिक बीमारी से जूझ रहे हैं। पिछले 7 सालों से जीत की जिंदगी एक कमरे के फर्श पर सिमट कर रह गई है।जीत के दिव्यांगता सर्टिफिकेट में तकनीकी विसंगति (त्रुटि) होने के कारण उन्हें सरकार से मिलने वाली आवश्यक सहायता और योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।जीत को इस समय एक आधुनिक सुविधाओं वाले मेडिकल बेड और एक स्वचालित व्हीलचेयर की तत्काल आवश्यकता है।इलाज के भारी खर्च और माता-पिता के न होने की वजह से परिवार के सामने भोजन, शिक्षा और रोजमर्रा की जरूरतों का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। मामले की सूचना पर ऐक्शन लेते हुए साहिबगंज डीसी को टैग करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक्स पर लिखा,अविलंब संज्ञान लें, एवं इलाज की पूरी सुविधा मुहैया कराते हुए सूचना दें।


