उत्तर प्रदेश:कानपुर कमिश्नरेट पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने देश के एक बहुत बड़े अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है.पुलिस ने इस रैकेट के दो मुख्य सरगनाओं—शाहवेज वारिस (निवासी तलाक महल, बेकनगंज) और सलमान (निवासी चमनगंज)—को हैदराबाद से गिरफ्तार किया है। शाहवेज वारिस पुलिस केस दर्ज होने के बाद लुकआउट नोटिस जारी होने के बीच दो बार दुबई भी भाग चुका था, लेकिन हैदराबाद एयरपोर्ट पर उतरते ही पुलिस ने उसे दबोच लिया।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने कानपुर के 14 अलग-अलग बैंकों में 72 फर्जी खाते खोल रखे थे, जिनके जरिए करीब 5,600 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेन-देन (ट्रांजैक्शन) किया गया है।आरोपी ऑनलाइन गेमिंग, आईपीएल (IPL) में सट्टा लगाने, शेयर मार्केट में निवेश का लालच देकर और लोगों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर ठगी करते थे।ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों ने 76 फर्जी (शेल) कंपनियां बना रखी थीं। इन कंपनियों के खातों में पैसा मंगाकर उसे आगे ट्रांसफर या डायवर्ट कर दिया जाता था।




