रांची के सदर अस्पताल में शनिवार (15 अगस्त 2026) को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता और छात्र आंदोलनकारी देवेंद्र नाथ महतो और पुलिस प्रशासन के बीच जमकर नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। पिछले 14 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर चल रहे और अस्पताल में भर्ती देवेंद्र नाथ महतो ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आयोजित ध्वजारोहण और तिरंगा यात्रा में शामिल होने की इच्छा जताई थी। इसके लिए उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से अपनी जिम्मेदारी पर जाने की अनुमति भी मांगी थी।सुरक्षा और स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पुलिस ने उन्हें सदर अस्पताल के हाई डिपेंडेंसी यूनिट (HDU) वार्ड से बाहर निकलने से रोक दिया। अस्पताल परिसर और उनके कमरे के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।जब देवेंद्र महतो ने बाहर निकलने की कोशिश की, तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान पुलिस और महतो के समर्थकों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई।
एक्स पर वीडियो साझा करते हुए देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद वह शांतिपूर्ण तरीके से तिरंगा यात्रा में शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें रोककर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। बाद में वह अपने कमरे के गेट के बाहर बैठ गए और कहा कि जब तक उन्हें बाहर नहीं जाने दिया जाएगा, वह इलाज भी नहीं करवाएंगे।इधर, जेएलकेएम विधायक जयराम महतो ने घटना की निंदा करते हुए इसे “रांची पुलिस की तानाशाही” बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा यात्रा में शामिल होने जा रहे आंदोलनकारी के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया। विधायाक्क ने एक्स पर लिखा,”शर्मनाक! रांची पुलिस की तानाशाही. ये कैसा स्वतंत्रता दिवस ? कैसा आज़ादी मना रहे है ?तिरंगा यात्रा में जा रहे 14 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे देवेंद्रनाथ महतो जी के साथ अस्पताल में ऐसा व्यवहार क्यों ?”




