रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मोरहाबादी मैदान में ध्वजारोहण कर समस्त झारखण्ड वासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने देश की आजादी के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर शहीदों और झारखंड के महान जननायकों (वीर सपूतों) को नमन किया।समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य, वीरता और सराहनीय सेवा के लिए झारखंड पुलिस के 29 अधिकारियों और जवानों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा,साथियों,सिर्फ दोषियों को पकड़ना समाधान नहीं है। असली समाधान ऐसी व्यवस्था बनाना है जिसमें भविष्य में कोई भी युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ करने का साहस न कर सके। इसी उद्देश्य से हमारी सरकार परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही है।केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि व्यवस्था में परिवर्तन का निर्णय लिया है। जाँच पूरी निष्पक्षता से होगी। जो भी दोषी होगा, कानून उसके साथ कठोरता से पेश आएगा। कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, यदि उसकी संलिप्तता सिद्ध होती है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन साथ ही हम बिना प्रमाण किसी को दोषी ठहराने की राजनीति नहीं करेंगे।न्याय होगा—और निष्पक्ष होगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा,हमारी सरकार परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही है।हमारा लक्ष्य है समयबद्ध वार्षिक परीक्षा कैलेंडर पारदर्शी और तकनीक-सुरक्षित परीक्षा प्रणाली उत्तर-कुंजी एवं OMR की समयबद्ध उपलब्धता परीक्षा प्रक्रिया में बहु-स्तरीय जवाबदेही। इस परिवर्तन यात्रा में सरकार के साथ आपकी सहभागिता चाहते हैं। इसलिए हमने “छात्रों की बात, छात्रों के साथ” अभियान प्रारंभ किया है।झारखण्ड का प्रत्येक विद्यार्थी, शिक्षक, शिक्षाविद और अभिभावक परीक्षा सुधार के इस अभियान का सहभागी बने।रोजगार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। हमारा उद्देश्य केवल रिक्त पद भरना नहीं है। हमारा लक्ष्य ऐसा झारखण्ड बनाना है जहाँ सरकारी सेवा के साथ-साथ उद्योग, MSME, कृषि, डेयरी, मत्स्य, पर्यटन, डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी नए अवसर तैयार हों।

