रांची, झारखंड: JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के विरोध-प्रदर्शन के बीच सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दिन भी वार्ता हुई। बैठक के बाद झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर 14वीं JPSC तथा 2023-25 की बैकलॉग भर्तियों में सामने आई कथित अनियमितताओं की जांच दो स्तरों पर कराने का फैसला लिया गया है।
मंत्री के अनुसार, आपराधिक पहलुओं की जांच CID करेगी, जबकि वित्तीय अनियमितताओं और अवैध लेन-देन से जुड़े मामलों की जांच के लिए ED से अनुरोध किया जाएगा। सरकार ने मामले के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित कर 90 दिनों के भीतर आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की बात भी कही है।
सुधारों के लिए IIT-ISM, IIM रांची और XLRI के विशेषज्ञों की समिति बनाने का प्रस्ताव रखा गया। सरकार ने CID जांच की निगरानी के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति बनाने की पेशकश भी की।
हालांकि, छात्र प्रतिनिधियों ने CGL परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच की मांग दोहराई। छात्र नेता कुणाल ने कहा कि विधानसभा घेराव शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा और CBI जांच की मांग पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार का कहना है कि अदालत के निर्देश पर आयोजित CGL परीक्षा को वह अपने स्तर से रद्द नहीं कर सकती।




