पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया का बढ़ता प्रकोप, 1,059 मरीज मिले, 4 की मौत; 54 गांवों में युद्धस्तर पर सर्च अभियान

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machhar

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में मच्छरजनित बीमारी मलेरिया ने एक बार फिर गंभीर रूप धारण कर लिया है। जिले में अब तक 1,059 लोग मलेरिया से संक्रमित पाए गए हैं, जबकि 4 मरीजों की मौत हो चुकी है। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है। उपायुक्त राजीव रंजन और सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के निर्देश पर जिले के 54 संवेदनशील गांवों में युद्धस्तर पर सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक 5,251 लोगों की जांच की जा चुकी है, जिनमें 219 नए मलेरिया मरीज मिले हैं। पोटका में 1,801 लोगों की जांच में 56, मुसाबनी में 443 जांच में 77 तथा डुमरिया में 673 जांच के दौरान 62 मरीजों की पुष्टि हुई है। प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान कर रही हैं और गंभीर मरीजों को तत्काल अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है।

डीसी के निर्देश पर पोटका, मुसाबनी, डुमरिया और घाटशिला प्रखंडों में 29 जून से 3 जुलाई तक विशेष जांच एवं उपचार अभियान चलाया गया। इस दौरान डॉक्टरों की टीम ने गांवों में पहुंचकर संदिग्ध मरीजों की जांच की, दवाओं का वितरण किया तथा लोगों को मलेरिया से बचाव के उपायों की जानकारी दी। प्रशासन का कहना है कि व्यापक जांच और समय पर इलाज के कारण संक्रमण की दर में धीरे-धीरे कमी आने लगी है।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक 73 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें 31 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, जबकि 56 बच्चों सहित कई मरीजों का इलाज अभी जारी है। अस्पतालों में भर्ती मरीजों का एंटी-मलेरियल दवाओं के साथ विशेष निगरानी में उपचार किया जा रहा है।मलेरिया नियंत्रण अभियान में जिले के 125 डॉक्टरों और करीब 200 स्वास्थ्यकर्मी लगाए गए हैं। ये टीमें प्रभावित क्षेत्रों में जांच, उपचार और जागरूकता अभियान चला रही हैं। कई इलाकों में फॉगिंग और कीटनाशक का छिड़काव भी कराया जा रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश के बाद जलजमाव, नालियों की नियमित सफाई नहीं होना और मच्छरदानियों के उपयोग में लापरवाही के कारण इस बार मलेरिया तेजी से फैला है। संक्रमण अब केवल ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरी इलाकों में भी बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।शनिवार को सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक कर मलेरिया नियंत्रण अभियान को और तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने, संदिग्ध मरीजों की तत्काल जांच सुनिश्चित करने तथा उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। साथ ही प्रतिदिन अभियान की मॉनिटरिंग और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने बताया कि उपचार के साथ-साथ नुक्कड़ नाटकों और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से भी लोगों को मलेरिया से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

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