रांची, प्रेस कॉन्फ्रेंस में आज सांसद संजय सेठ ने राजधानी रांची में बिजली संकट पर जनता को सरकार को जवाब देने की मांग की।सांसद संजय सेठ का कहना है कि इस भीषण गर्मी में राजधानी रांची की जनता 8 से 10 घंटे के निरंतर पावर कट से त्रस्त है, लेकिन इस असंवेदनशील सरकार के पास जनता को राहत देने का कोई रास्ता नहीं है। हर तरफ हाहाकार मचा है। छोटे मोटे व्यापार ठप हो रहे हैं। छात्र और बच्चे-बुजुर्ग इस तपती गर्मी में परेशान हैं। राजधानी की ऐसी बदहाल स्थिति 1990 के दशक और झारखंड राज्य बनने के बाद आज से पहले कभी नहीं देखी गई थी। आखिर जनता अपनी शिकायत लेकर कहां जाए?
सांसद संजय सेठ ने कहा,सबसे बड़ी विडंबना यह है कि रोज अखबारों में सिर्फ खबरें छप रही हैं, लेकिन धरातल पर कोई सुधार नहीं है। अगर जनता को अपनी शिकायत दर्ज करानी हो, तो वह किसके पास जाए? सरकार ने ऐसा कोई सिस्टम या कंट्रोल रूम विकसित नहीं किया है; जहां आम जनता अपनी समस्या बता सके। सरकार पूरी तरह मूकदर्शक बनी बैठी है; जनता की तकलीफों से उसे कोई सरोकार नहीं है।
इसके अलावा आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद संजय सेठ ने कहा है कि रांची शहरी क्षेत्र के खुले नाले एक बार फिर से हादसों को दावत से रहे हैं।मानसून आने वाला है, लेकिन रांची की सड़कों पर खुले पड़े नाले जस के तस हैं। हर साल इन खुले नालों की वजह से मासूम लोग हादसों का शिकार होते हैं, कई परिवारों ने अपने चिराग और अभिभावक खोए हैं। आखिर इस संवेदनहीनता का अंत कब होगा? इस मामले में राज्य सरकार सीधा हस्तक्षेप करे। 15 दिनों के भीतर रांची के सभी छोटे-बड़े नालों की युद्ध स्तर पर सफाई सुनिश्चित की जाए। जलजमाव और हादसों को रोकने के लिए सभी नालों को सुरक्षित तरीके से तुरंत ढका जाए। इस बार लापरवाही के कारण कोई हादसा हुआ, तो जवाबदेही शासन की होगी!




