पूर्वी सिंहभूम: डीसी कर्ण सत्यार्थी ने आज बताया समाचार पत्र में गुड़ाबांदा प्रखंड के संदर्भ में प्रकाशित ख़बर को लेकर स्पष्ट किया जाता है कि सिंहपुरा पंचायत के माकड़ी व धादकीडीह टोला के सबर बच्चे आंगनबाड़ी/सरकारी विद्यालयों में नामांकित हैं। राज्य सरकार के निर्देशानुसार सभी बच्चों के बीच समय पर स्वेटर वितरण किया गया है.और बच्चे नियमित रूप से स्वेटर पहनकर आंगनबाड़ी एवं विद्यालय जा रहे हैं। अभिभावकों की काउंसिलिंग की जा रही है कि बच्चों को ऊनी कपड़े पहनाएं, ठंड में सुरक्षित रखें।
दरअसल समाचार पत्र में प्रशासन के प्रकाशित ख़बर में अधिकारीयों पर सवाल उठाते हुए कहा गया था कि घाटशिला अनुमंडल के गुड़ाबांदा क्षेत्र में सबर आदिम जनजाति के बच्चे कड़ाके की ठंड में धूप के सहारे दिन काटने को मजबूर हैं। 9–10 डिग्री तापमान में कई बच्चे बिना पर्याप्त कपड़ों के खुले आंगन में सूरज निकलने का इंतजार करते दिखते हैं। सिंहपुरा पंचायत के माकड़ी और धादकीडीह टोला के करीब 40 बच्चे स्कूल मर्ज होने के बाद पढ़ाई से भी वंचित हैं। आदिम जनजाति का दर्जा और योजनाओं के बावजूद प्रशासन की उदासीनता इन बच्चों की पीड़ा को उजागर करती है।




