देवघर: बड़ा नारायणपुर निवासी 15 वर्षीया आयशा खातून को अचानक सांस लेने में गंभीर समस्या होने पर परिजनों द्वारा पहले उसे दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल) के अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन अत्यधिक खर्च और सीमित संसाधनों के चलते वे इलाज अधूरा छोड़कर वापस लौट आए। आयशा के पिता असलम अंसारी एक मजदूर हैं, और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है।रात लगभग 10 बजे जब आयशा की हालत फिर से बिगड़ने लगी, तो गांववालों ने मधुपुर नगर परिषद की पूर्व वार्ड पार्षद शबाना परवीन से संपर्क किया। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए शबाना परवीन ने तुरंत झारखंड सरकार के लोकप्रिय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से संपर्क साधा और सहायता की गुहार लगाई।
मंत्री डॉ. अंसारी ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए, बिना किसी देरी के आयशा को देवघर एम्स में भर्ती कराने की व्यवस्था की। आज आयशा का इलाज एम्स देवघर में चल रहा है और डॉक्टरों के अनुसार वह अब खतरे से बाहर है।गांववालों ने मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के इस मानवीय हस्तक्षेप पर हृदय से आभार व्यक्त करते हुए उन्हें ढेरों दुआएं दी हैं। लोगों ने कहा कि आज भी यदि कोई नेता वास्तव में आम गरीब जनता की चिंता करता है, तो वह हैं डॉ. इरफान अंसारी।यह घटना इस बात का प्रमाण है कि डॉ. अंसारी एक संवेदनशील जनसेवक हैं, जो हर जरूरतमंद तक तुरंत मदद पहुंचाने को हमेशा तैयार रहते हैं।



