साहिबगंज: भोगनाडीह में हिं*सक झड़प में पुलिस द्वारा आदिवासियों पर लाठीचार्ज और आँसू गैस के गोले को लेकर भाजपा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक बार फिर हेमंत सरकार को घेर लिया है, मरांडी लिखते हैं, ”हेमंत सरकार आज जनरल डायर की भूमिका निभाती नज़र आ रही है…जिस तरह जलियाँवाला बाग़ में बैसाखी मना रहे लोगों पर जनरल डायर ने गोलियाँ चलवाई थीं, उसी तरह हूल दिवस पर अपने शहीदों को याद कर रहे आदिवासियों पर लाठीचार्ज और आँसू गैस के गोले बरसाए गए।लेकिन सरकार की तानाशाही यहीं नहीं रुकी। अब हेमंत जी ने यह तय कर लिया है कि जो भी उनके अन्याय के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाएगा, उसे गिरफ़्तार कर डराने की कोशिश की जाएगी।असल में हेमंत सोरेन डरते हैं। उन्हें डर है कि अगर आदिवासी समाज ने बांग्लादेशी घुसपैठ के ख़िलाफ़ एक संगठित आंदोलन शुरू कर दिया तो उनका तुष्टिकरण का महल ढह जाएगा। वह इस बात से घबराए हुए हैं कि कहीं आदिवासी समाज यह न पूछ बैठे कि हमारे अधिकार छिन रहे हैं और आप किसके हित की राजनीति कर रहे हैं?इसलिए वे अब उस हर आवाज़ को कुचलना चाहते हैं जो आदिवासियों के हक़ की बात करती है।अगर उन्हें लगता है कि गिरफ़्तारियाँ हमें चुप करा देंगी, तो यह उनकी सबसे बड़ी भूल है।आक्रोश तो है ही, लेकिन उससे बड़ा दुख इस बात का है कि जिस नेता ने आदिवासी समाज के नाम पर राजनीति की, उनसे वोट पाए, उन्हीं के हाथ आज आदिवासियों की अस्मिता को कुचलने में लगे हैं।मंचों पर आदिवासी प्रतीकों की बात करने वाले नेता, मैदान में उन्हीं प्रतीकों पर लाठी चलवा रहे हैं।लेकिन आदिवासी समाज न भूलेगा, न माफ़ करेगा।जिस धरती से सिद्धो-कान्हू उठे थे, उस धरती पर ये अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।हर एक लाठी और हर एक अन्याय का हिसाब लिया जाएगा।”




