झारखंड में 30 सितंबर से डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव,मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ

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irfan ansari

रांची। झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक डिजिटल तकनीक से जोड़ने और राज्य के लिए एक मॉडल डिजिटल हेल्थ सिस्टम विकसित करने की दिशा में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। 30 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक रांची में दो दिवसीय डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा।कॉन्क्लेव की पूर्व संध्या पर मंगलवार को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह के साथ पत्रकार वार्ता कर कॉन्क्लेव और झारखंड के डिजिटल हेल्थ रोडमैप की विस्तृत जानकारी दी।

“डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में झारखंड को मॉडल बनाना मेरा सपना” : डॉ. इरफान अंसारी

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड में पहली बार इस स्तर का डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल नई तकनीकों का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि झारखंड की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक तकनीक को स्वास्थ्य व्यवस्था का हिस्सा बनाना है।

उन्होंने कहा—

“मॉडल हेल्थ सिस्टम और डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में झारखंड को अग्रणी बनाना मेरा सपना है। लोकप्रिय मुख्यमंत्री आदरणीय हेमंत सोरेन जी के ‘डिजिटल झारखंड’ के विजन को स्वास्थ्य के क्षेत्र में जमीन पर उतारने के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। मेरा लक्ष्य है कि आधुनिक तकनीक का लाभ सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव के गरीब और जरूरतमंद मरीज तक भी पहुंचे।”

डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि डिजिटल तकनीक का उद्देश्य डॉक्टर और मरीज के बीच दूरी बढ़ाना नहीं, बल्कि डॉक्टर की क्षमता को बढ़ाकर मरीज तक बेहतर, तेज और सुलभ स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना है।उन्होंने कहा कि कॉन्क्लेव में देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों, चिकित्सकों, तकनीकी विशेषज्ञों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। राज्य की जरूरतों के अनुरूप उपयोगी तकनीकों को अपनाने पर भी चर्चा होगी।

रोबोटिक सर्जरी से लेकर टेली-आईसीयू और AI तक

कॉन्क्लेव में स्वास्थ्य क्षेत्र की आधुनिक तकनीकों पर विशेष चर्चा और प्रदर्शन होगा। इनमें प्रमुख रूप से—

  • रोबोटिक सर्जरी
  • टेली-आईसीयू
  • टेलीमेडिसिन
  • टेली-एसएनसीयू
  • टेली-रेडियोलॉजी
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
  • डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड
  • पेपरलेस हॉस्पिटल
  • दूरदराज के क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श

जैसी तकनीकों को शामिल किया गया है।

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों कॉन्क्लेव के दौरान 10-बेडेड आईसीयू का शुभारंभ भी किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि डिजिटल माध्यम से विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को राज्य के दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंचाया जाए।

“इलाज की तकनीक आधुनिक होगी, लेकिन डॉक्टर की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रहेगी”

डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि AI और रोबोटिक्स चिकित्सा व्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं। इससे सर्जरी की सटीकता, रिपोर्ट के विश्लेषण, मरीजों की निगरानी और विशेषज्ञ सेवाओं की पहुंच बेहतर हो सकती है।उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक डॉक्टर का विकल्प नहीं है, बल्कि डॉक्टर की क्षमता को मजबूत करने का माध्यम है। मरीज का अंतिम चिकित्सकीय निर्णय और प्रिस्क्रिप्शन प्रशिक्षित डॉक्टर द्वारा ही किया जाएगा।

ABHA से डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तक

मंत्री ने कहा कि आभा (ABHA) के माध्यम से नागरिकों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में काम हो रहा है। अस्पतालों को पेपरलेस बनाने और मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने का लक्ष्य है।भविष्य में इन डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड का उपयोग AI आधारित स्वास्थ्य सहायता और बेहतर चिकित्सकीय निर्णयों में किया जा सकेगा।उन्होंने कहा कि डिजिटल हेल्थ का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों को मिलना चाहिए। झारखंड के गांव का मरीज भी विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा से वंचित न रहे, यही सरकार की प्राथमिकता है।

रिम्स-2 से मेडिकल शिक्षा तक स्वास्थ्य व्यवस्था का विस्तार

डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को व्यापक रूप से मजबूत किया जा रहा है। पहले रांची में स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र रिम्स था, लेकिन अब सरकार ने रिम्स-2 की परिकल्पना को आगे बढ़ाया है और इसे जल्द शुरू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ी है तथा MBBS और PG सीटों में भी वृद्धि की गई है। मेडिकल यूनिवर्सिटी की परिकल्पना को भी साकार किया गया है।उन्होंने कहा कि आधुनिक डिजिटल हेल्थ सिस्टम, बेहतर मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और विशेषज्ञ मानव संसाधन—इन तीनों के समन्वय से झारखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था को नई ऊंचाई दी जाएगी।

अस्पतालों में WhatsApp आधारित सेवाओं का भी विस्तार

अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ स्कीम के तहत राज्य के अस्पतालों को Wi-Fi से जोड़ा गया है। इसका उपयोग डॉक्टरों के साथ-साथ मरीज भी कर रहे हैं।अस्पतालों में रजिस्ट्रेशन, भुगतान और जांच रिपोर्ट जैसी सुविधाओं को WhatsApp के माध्यम से उपलब्ध कराने की शुरुआत हो चुकी है। इसे आगे सभी जिला अस्पतालों तक विस्तारित किया जाएगा।उन्होंने बताया कि मरीजों का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिसमें उनकी मेडिकल हिस्ट्री सुरक्षित रहेगी। भविष्य में इन रिकॉर्ड का उपयोग AI आधारित स्वास्थ्य सहायता के लिए किया जा सकेगा। हालांकि, AI केवल संभावित स्वास्थ्य समस्याओं के संबंध में सहायता और सुझाव देगा; मरीज का प्रिस्क्रिप्शन डॉक्टर ही लिखेंगे।श्री अजय कुमार सिंह ने कहा कि कॉन्क्लेव में विभिन्न कंपनियां अपनी तकनीक और समाधान प्रस्तुत करेंगी। कार्यक्रम को चार प्रमुख क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, ताकि झारखंड की स्वास्थ्य जरूरतों के अनुसार तकनीक का आकलन किया जा सके।

दवा खरीद में लापरवाही पर होगी कार्रवाई

एक सवाल के जवाब में अपर मुख्य सचिव ने कहा कि अस्पतालों को दवाओं की खरीद के लिए पर्याप्त फंड उपलब्ध कराया गया है। यदि दवा खरीद में किसी स्तर पर लापरवाही या आनाकानी की शिकायत मिलती है, तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

डिजिटल तकनीक के साथ मानवीय संवेदना भी जरूरी : डॉ. इरफान

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि तकनीक स्वास्थ्य सेवाओं को तेज, सटीक और सुलभ बनाने का माध्यम है, लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था की आत्मा डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्यकर्मियों की मानवीय संवेदना है।

उन्होंने कहा—

“रोबोट सर्जरी में डॉक्टर की मदद कर सकता है, AI रिपोर्ट का विश्लेषण कर सकता है और टेलीमेडिसिन दूर बैठे मरीज को विशेषज्ञ से जोड़ सकती है, लेकिन मरीज के दर्द को समझने और उसे भरोसा देने की जिम्मेदारी इंसान की ही रहेगी। हमारा लक्ष्य तकनीक और मानवीय संवेदना को साथ लेकर चलना है।”

उन्होंने कहा कि झारखंड को केवल डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का उपभोक्ता नहीं, बल्कि देश के सामने एक मॉडल डिजिटल हेल्थ सिस्टम प्रस्तुत करने वाला राज्य बनाना है।

“सोच बड़ी है, लक्ष्य स्पष्ट है और दिशा डिजिटल है—झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को नई तकनीक से जोड़कर हर नागरिक तक बेहतर इलाज पहुंचाना है। यही मेरा संकल्प है।”

पत्रकार वार्ता में विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, अपर सचिव श्री शशि प्रकाश सिंह, एनएचएम के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा, संयुक्त सचिव श्री दिनेश कुमार यादव सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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