शंकर आजीविका सखीमंडल से जुड़ व्यवसाय की शुरुआत, प्रतिदिन ₹40,000–₹50,000 तक की बिक्री

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Gyanmuni Devi

देवघर के देवीपुर प्रखंड अंतर्गत भोजपुर गांव की ज्ञानमुनि देवी पहली बार सरस आजीविका मेला, गुरुग्राम में शुद्ध लोहे से बने पारंपरिक उत्पादों के साथ पहुँची हैं। वे शंकर आजीविका सखीमंडल से जुड़ी हैं और वर्ष 2022 में लोह कारीगर समिति से ₹1,00,000 तथा क्रेडिटलिंकेज ऋण से ₹1,00,000 लेकर अपने व्यवसाय की शुरुआत की।आज उनकी लोहे की कड़ाही, ढोसा तवा, फ्राई पैन और तलवार जैसे उत्पाद मेट्रो सिटी के ग्राहकों को खूब आकर्षित कर रहे हैं। प्रतिदिन ₹40,000–₹50,000 तक की बिक्री हो रही है और पाँच दिनों में लगभग ₹2–2.5 लाख की बिक्री दर्ज की जा चुकी है। ज्ञानमुनि कहती हैं उन्हें इतने बड़े मेले में अपना स्टॉल लगाना आर्थिक रूप से तो उन्हें सशक्त बना ही रहा है साथ ही ग्राहकों से मिलकर और बात कर के उन्हें नया आत्मविश्वास भी मिल रहा है।

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