रांची स्थित झारखंड विधानसभा में हेमलाल मुर्मू ने अल्पसूचित प्रश्न के जरिए राज्य की कानून-व्यवस्था पर अपनी ही सरकार से सवाल किए। उन्होंने पूछा कि जब पुलिस लगातार कार्रवाई का दावा कर रही है, तो अपराध की घटनाएं क्यों बढ़ रही हैं।हेमलाल मुर्मू ने जेल से फरारी, नशीले पदार्थों की खेती और खासकर संथाल परगना में बढ़ते साइबर अपराध पर चिंता जताई। उन्होंने पूछा कि क्या वहां प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों की नियुक्ति और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। साथ ही विस्तृत आंकड़े सदन में रखने की मांग की।हेमलाल मुर्मू ने बताया कि 2024 में 1498 साइबर अपराध दर्ज हुए, 919 गिरफ्तारियां हुईं, लेकिन कोई दोषसिद्धि नहीं हुई। 2025 में 1413 मामलों में 1268 गिरफ्तारियां हुईं, पर सिर्फ 37 दोषसिद्धि और 387 लोग दोषमुक्त हुए।उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जांच और साक्ष्य सही तरीके से पेश किए जा रहे हैं, तो दोषसिद्धि दर इतनी कम क्यों है। उनका कहना था कि कानून-व्यवस्था को मजबूत किए बिना अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं है।
सरकार का जवाब और विपक्ष का विरोध
सरकार की ओर से योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि साइबर अपराध के 95% मामलों में रिकवरी की गई है और पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं भाजपा विधायक नीरा यादव ने इन आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए उन्हें भ्रामक बताया।




