नई दिल्ली।अमेरिका और भारत के बीच हुए कथित व्यापार समझौते को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने दावा किया है कि यह समझौता भारत के बजाय अमेरिका के हितों को प्राथमिकता देता है और इससे भारतीय किसानों, उद्योगों और उपभोक्ताओं को नुकसान हो सकता है। कांग्रेस का आरोप है कि इस सौदे के तहत भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में 18 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जाएगा, जबकि अमेरिकी उत्पाद भारत में शून्य प्रतिशत शुल्क पर प्रवेश करेंगे।कांग्रेस के अनुसार, इस समझौते में भारत द्वारा अमेरिका से 500 अरब डॉलर के सामान खरीदने की शर्त शामिल है, जिसमें कृषि उत्पाद भी शामिल हैं। इसके अलावा, भारत द्वारा अमेरिकी तेल, गैस और प्रोपेन खरीदने तथा रूसी तेल की खरीद बंद करने की बात भी कही गई है।
कांग्रेस ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर के बयान का भी हवाला दिया, जिसमें उन्होंने इस सौदे को “अमेरिकी किसानों और निर्यातकों के लिए बड़ी जीत” बताया। कांग्रेस का कहना है कि इस बयान से स्पष्ट है कि यह समझौता मुख्य रूप से अमेरिकी हितों को ध्यान में रखकर किया गया है।कांग्रेस के मुताबिक, समझौते के तहत भारत कई अमेरिकी कृषि उत्पादों जैसे सूखे मेवे, फल, सब्जियां, शराब और स्पिरिट्स पर शून्य प्रतिशत टैरिफ लगाएगा। इसके साथ ही औद्योगिक वस्तुओं पर वर्तमान 13.5 प्रतिशत शुल्क को घटाकर शून्य किया जाएगा। रसायन, मेडिकल उपकरण और अन्य निर्मित वस्तुओं पर भी टैरिफ में भारी कटौती की जाएगी।कांग्रेस ने केंद्र सरकार से सवाल पूछते हुए कहा कि अगर यह समझौता वास्तव में भारत के लिए लाभकारी है, तो सरकार ने अब तक इसकी कोई स्पष्ट जानकारी जनता के सामने क्यों नहीं रखी। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार सच्चाई छिपा रही है और भारतीय किसानों तथा घरेलू उद्योगों के हितों को खतरे में डाला जा रहा है।कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस “बड़े फैसले” पर आगे आकर देश को स्पष्ट जवाब देने की मांग की है और कहा है कि यह सौदा भले ही अमेरिका के लिए अच्छा हो, लेकिन भारत के लिए नहीं।




