Ranchi: आज झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सीएम पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी, आपने घोटाला पर घोटाला और घोटाले से बचने के लिये भी घोटाला करवाने के लिये साहिबगंज ज़िले की क्या हालत बना कर रख दी है?सुना है साहिबगंज डीसी बदलने के लिये आपको “मन मुताबिक़” काम करने के लिये कोई अफ़सर मिल ही नहीं रहा और अब तो शायद और नहीं मिलेगा। आपके करनी की सजा अफ़सरों के भुगतने का यही हाल जारी रहा तो साहिबगंज ज़िले में जाने का नाम सुनकर कुछ अफ़सरों का गला सूखने लगेगा।
मालूम हो की प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी) ने साहिबगंज के एसपी नौशाद आलम को 22 नवंबर को ईडी के रांची जोनल ऑफिस में पेश होने को कहा है. साहिबगंज के एसपी नौशाद आलम पर गंभीर आरोप हैं .ईडी की जांच में अवैध खनन मामले में गवाह विजय हांसदा को ईडी का विरोधी बनाने में नौशाद आलम को शामिल पाया गया है.मामले पर शुक्रवार को प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रदेश बाबूलाल मरांडी ने कहा ”’मैं ने पहले भी कई बार अनुरोध किया है कि झारखंड के कुछ महाभ्रष्ट अधिकारी इस लुटेरे हेमंत सोरेन सरकार के लिये ग़लत काम करने का टुल किट नहीं बनें। वरना करनी का फल आपको भी भुगतना होगा।अख़बारों में नित नये खबरों में देख रहा हूँ कि जेल से लेकर पुलिस और प्रशासन के कुछ लोग सुधरने का नाम नहीं ले रहे और लोभ-लाालचवश बारी-बारी से ग़लत काम कर फँसते जा रहे हैं। जेल सेवा के हामिद, नसीम, दानिश के बाद अब एसपी नौशाद? ये सब हो क्या रहा है हेमंत जी? सुना है कि साहिबगंज के एसपी नौशाद आलम को ईडी ने विजय हाँसदा को होस्टाईल करा गवाही से मुकरवाने में सक्रिय भूमिका निभाने के आरोप में तलब किया है। आरोप तो यहॉं तक है कि विजय हॉंसदा को हाईकोर्ट से केश विदड्रा कराने के लिये वहाँ के डीसी और एसपी साहिबगंज से खुद लेकर रॉंची आये थे और कई “महानुभावों” से मिलवाया था। परदे के पीछे छिप कर शतरंजी चाल चलने वाले ऐसे सारे चेहरों के नाम सामने आना ज़रूरी है। लगता है झारखंड के कुछ अधिकारियों ने न सुधरने की क़सम खा रखी है। मैं ईडी से आग्रह करता हूँ कि ऐसे लोगों से कराई से पेश आकर पूरे गिरोह एवं उनके कारनामे का पर्दाफ़ाश करें। ताकि दूसरे लोग सबक़ लें और क़ानून से हटकर काम करने से पहले ऐसे शातिर लोग सौ बार सोचें।”



