रांची: अपर न्यायिक आयुक्त विशाल श्रीवास्तव की अदालत ने आज अरगोड़ा थाना क्षेत्र के अशोक नगर स्थित एक समाचार चैनल कार्यालय में दो भाइयों की हत्या के मामले में तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी.इन तीनों में लोकेश चौधरी और उनके सहयोगी धर्मेंद्र तिवारी और सुनील सिंह शामिल हैं।उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट के सामने पेश किया गया. 26 जून को रांची में एक न्यूज चैनल के दफ्तर में दोनो व्यवसायी भाइयों हेमंत अग्रवाल और महेंद्र अग्रवाल की हत्या के मामले में रांची के अपर न्यायायुक्त विशाल श्रीवास्तव की अदालत ने चैनल संचालक लोकेश चौधरी सहित तीन अभियुक्तों को दोषी करार दिया है, जबकि एक आरोपी को बरी कर दिया था।इनमें से प्रत्येक पर 25000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।रांची के लालपुर इलाके में रहने वाले अग्रवाल बंधुओं हेमंत अग्रवाल और महेंद्र अग्रवाल से उधार में बड़ी रकम ली थी। लेनदेन के सिलसिले में उसने 6 मार्च की रात चैनल के सभी कर्मियों के जाने के बाद अग्रवाल बंधुओं को अपने दफ्तर में बुलाया था और दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। गोली लगे उनके शव 7 मार्च, 2019 दोपहर को पॉश अशोक नगर में एक टेलीविजन समाचार चैनल के तत्कालीन फ्रेंचाइजी प्रमुख चौधरी के कक्ष से बरामद किए गए थे।हेमंत, जो हत्या के समय 38 वर्ष के थे, और महेंद्र, जो हत्या के समय 40 वर्ष के थे, एक कूरियर सेवा, पवन एयर कार्गो चलाते थे, उनके शव बरामद होने से एक दिन पहले स्कूटर में समाचार चैनल के कार्यालय गए थे। पुलिस के मुताबिक चौधरी ने एक योजना के तहत अग्रवाल बंधुओं को नकदी लौटा दी लेकिन उसकी मंशा गलत थी.चौधरी ने एक योजना के तहत अपने अंगरक्षकों और ड्राइवर को एक आईबी अधिकारी बनकर अग्रवाल बंधुओं से उतनी ही रकम वापस लेने के लिए कहा।जैसे ही उनके अंगरक्षकों और ड्राइवर ने ऐसा ही किया, दोनों भाइयों ने विरोध किया।इसके चलते फायरिंग और हत्या हुई.इस संबंध में अरगोड़ा थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी.अभियोजन पक्ष ने मामले में 19 गवाह पेश किये।बचाव पक्ष का कोई गवाह नहीं था.



