कर्नाटक HC ने ट्विटर की याचिका को आज ख़ारिज कर दीया है साथ ही 50 लाख का जुर्माना लगाया। इसमें ट्विटर ने सामग्री हटाने और ब्लॉक करने संबंधी इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के आदेश को चुनौती दी थी. इसके साथ ही कोर्ट ने कहा है कि कंपनी की याचिका का कोई आधार नहीं है.जानकारी के लिए बता दें की केंद्र सरकार का कुछ अकाउंट्स ब्लॉक करने का आदेश ट्विटर नहीं मान रहा था। उसी के ख़िलाफ़ याचिका दायर की गई थी। कर्नाटक HC ने मामले में फै़सला सुनाते हुए कहा “ट्विटर को नोटिस दिया गया था और उसने इसका पालन नहीं किया। पालन नहीं करने पर 7 साल की सजा और जुर्माना है, इससे भी आपके क्लाइंट (ट्विटर) को फर्क नहीं पड़ा।ट्विटर ने कोई कारण नहीं बताया कि उसने अनुपालन करने में देरी क्यों की। फिर ट्विटर अचानक अनुपालन करते हैं और अदालत का दरवाजा खटखटाते हैं। ट्विटर किसान नहीं है बल्कि अरबों डॉलर की कंपनी है।”



