Governor Ramesh Bais: The strength of democracy depends only on the vigilance and awareness of the voters
दिनांक 25 जनवरी, 2023 को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर माननीय राज्यपाल महोदय का सम्बोधन :-
सर्वप्रथम, ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ की आप सभी को हार्दिक बधाई व शुभकामनायें, विशेषकर उन युवा मतदाताओं को मैं विशेष बधाई देता हूँ जिनका पहली बार मतदाता सूची में नाम शामिल हुआ है। इस अवसर पर मैं चुनाव आयोग के साथ-साथ निर्वाचन कार्य से जुड़े सभी लोगों को बधाई देता हूँ।
आज ही के दिन 25 जनवरी 1950 को भारत के निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी। आयोग के स्थापना दिवस के अवसर पर वर्ष 2011 से इस दिन को मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है और सभी मतदान केन्द्रों पर आयोजित होने वाले मतदाता दिवस कार्यक्रम के माध्यम से मतदाताओं को उनके मताधिकार के प्रति जागरूक किया जाता है।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस लोकतंत्र में मतदाताओं के महत्व को भी दर्शाता है। मतदाताओं की भागीदारी के बिना लोकतंत्र की कल्पना अधूरी है। विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के नाते भारत में मतदाताओं को जागरुक करने और चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने में इस दिन का विशेष महत्व है।
भारत का निर्वाचन आयोग अपने स्थापना काल से ही विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र को निरंतर सशक्त बनाने के लिए वचनबद्ध है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा इस वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस का थीम रखा गया है- ‘वोट जैसा कुछ नहीं, वोट जरूर डालेंगे हम’। लोकतंत्र की मजबूती मतदाताओं की सतर्कता एवं जागरूकता पर ही निर्भर है। लोकतंत्र में सिर्फ वोटर बनना ही उपलब्धि नहीं है, मतदाताओं पर बहुत बड़ा दायित्व होता है और मतदाता पहचान पत्र आपको अपने दायित्व का निरंतर बोध कराता है।
हमारे मतदाता अपने जन-प्रतिनिधियों का चयन अपने विवेक और सूझ-बूझ के साथ करें। मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करते समय जाति, धर्म व सम्प्रदाय एवं भाषा आदि किसी भी प्रकार के प्रलोभनों से दूर रह कर अपने विवेक और अपनी अन्तरात्मा की आवाज पर अपने मत का प्रयोग करें। देश का हर नागरिक जागरूक हो एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को समझे।
लोकतंत्र में मतदान करना बहुत ही पवित्र कार्य है। इससे देश व प्रदेश को दिशा मिलती है। लोग सोचते हैं कि एक वोट नहीं डालने से क्या होगा? यदि प्रत्येक मतदाता यह सोचकर मतदान करने नहीं जाए, तो क्या मतदान हो पायेगा? लेकिन बूंद-बूंद से ही घड़ा भरता है। कुछ लोग समयाभाव के कारण वोट डालने नहीं जाते है, तो कुछ लंबी लाइन देख कर लौट जाते हैं, लेकिन लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमें इस उदासीनता और आलस से उबरना होगा और यदि मददाता सूची में नाम नहीं है तो नाम दर्ज कराने का प्रण भी लेना होगा।
प्रत्येक योग्य नागरिक जो 18 वर्ष से अधिक हो, अपने जागरूक होने का परिचय देते हुए मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाये। आप लोग ऑनलाइन माध्यम से भी मतदाता सूची में नाम दर्ज करा सकते हैं। खुशी है कि निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर मतदाता जागरूकता अभियान के जरिये सभी योग्य व्यक्तियों को इस दिशा में प्रेरित किया जाता है।
साथ ही यहाँ कहना चाहूँगा कि मतदाता सूची में सुधार का भी गति से काम होना चाहिए। कोई मतदाता न छूटे, इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य के सभी बी.एल.ओ. तथा आयोग से जुड़े सदस्यों को मैं अपनी शुभकामनायें देता हूँ।
एक बार मैं पुनः भारत निर्वाचन आयोग को इस राज्य की समस्त जनता की ओर से बधाई देता हूँ।
Governor Ramesh Bais: The strength of democracy depends only on the vigilance and awareness of the voters
इसे भी पढ़े : 2002 गुजरात दंगा : कोर्ट ने 17 मुसलमानों की ह’त्या के 22 आरोपियों को कर दिया बरी



