हाईकोर्ट में 14 वर्षों से केस लड़ रहे सिपाही ने जीत के बावजूद सिस्टम से मानी हार, अब दी आत्महत्या की धमकी

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Lawबिहार में बर्खास्तगी आदेश निरस्त होने के बावजूद उसे नौकरी में वापस नहीं लिए जाने से नाराज सिपाही ने आत्महत्या करने की धमकी दी है। उसने चेतावनी दी है कि न्याय नहीं मिला तो पटना हाईकोर्ट परिसर में ही आत्महत्या करेगा।
गौरतलब है कि छपरा के दाउदनगर निवासी नाग नारायण राय ने सिपाही पद के लिए 1989 में प्रकाशित विज्ञापन के तहत आवेदन दिया था। उसे 19 जून 1990 को सफल घोषित किया गया लेकिन वरीय अधिकारियों ने 24 अप्रैल 2003 को उसे कारण बताओ नोटिस  जारी किया और 17 जुलाई 2003 को उसे नौकरी से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया। आदेश की वैधता को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। कोर्ट ने 19 अप्रैल 2019 को आवेदक के अर्जी को मंजूर करते हुए माना कि वरीय पुलिस पदाधिकारी ने गलत तरीका अपनाकर उसे नौकरी से हटाया है। कोर्ट ने नौकरी से हटाए जाने की तारीख से पुनः नौकरी में बहाल करने तथा उसी दिन से वेतन व अन्य सुविधा देने का आदेश दिया लेकिन विभाग ने हाईकोर्ट के आदेश के अलोक में सिपाही को नौकरी में पुनः बहाल करने का आदेश जारी नहीं किया। इसके बाद आवेदक ने हाईकोर्ट में अवमानना का केस फरवरी माह में दायर किया लेकिन कोरोना महामारी के कारण उसके केस पर सुनवाई नहीं हो सकी है। उसका कहना है कि वह बेहद निर्धन है उसके पास डेढ़ कट्ठा जमीन है। आठ सदस्यों वाले परिवार का पालन करना दुश्वार हो गया है। अब मरने के अलावा और कोई दूसरा विकल्प नहीं है। बेहतर होगा कि आत्महत्या कर लूं। ranjana pandey