राहुल गाँधी:12 वर्षों में शिक्षा व्यवस्था बर्बाद कर दिया कीमत, युवा पीढ़ी चुका रही

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rahul gandhi

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने NEET अभ्यर्थी आकांक्षा की मौत को लेकर केंद्र सरकार और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल एक आत्महत्या का मामला नहीं, बल्कि देश की “भ्रष्ट और टूटी हुई शिक्षा व्यवस्था” का परिणाम है।राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि आकांक्षा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी। उन्होंने बताया कि आकांक्षा के पिता एक किसान हैं, जिन्होंने बेटी के डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर तीन लाख रुपये का कर्ज लिया और नागपुर में कुक की नौकरी तक की, ताकि बेटी वहां रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर सके।

कांग्रेस नेता ने कहा कि NEET परीक्षा पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द हुई और पैदा हुई अनिश्चितता ने आकांक्षा को मानसिक रूप से तोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के बावजूद शिक्षा व्यवस्था में सुधार के बजाय केवल समितियां गठित करने और जांच कराने तक ही कार्रवाई सीमित रही है।राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटनाओं के बावजूद जवाबदेही तय नहीं की जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर भी शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसकी कीमत देश की पूरी युवा पीढ़ी चुका रही है।

दरअसल, आकांक्षा ने सुसा*इड नोट में लिखा है कि, “मम्मी-पापा, आपको भरोसा था कि आपकी बेटी खूब पढ़ाई करेगी और डॉक्टर बनेगी, लेकिन अब मुझमें दोबारा NEET परीक्षा देने की हिम्मत नहीं बची है।” उसने लिखा, “पहले प्रयास में मेरे अच्छे नंबर आ रहे थे, लेकिन अब इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि मैं दोबारा अच्छा प्रदर्शन कर पाऊंगी। मुझे माफ कर देना, मम्मी-पापा। मैंने सब कुछ बर्बाद कर दिया।”

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