रांची : वर्तमान में झारखंड सीबीएसई और आईसीएसई परीक्षा एवं एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा संचालित बोर्ड परीक्षाएँ 2026 चल रही हैं। जिसमें कक्षा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाएँ फरवरी 2026 में एवं कक्षा 8वीं, 9वीं एवं 11वीं की परीक्षाएँ फरवरी अंतिम सप्ताह से मार्च प्रथम सप्ताह तक निर्धारित हैं। नगर निगम चुनाव के प्रत्याशी, बार/रेस्टोरेंट तथा अन्य आयोजक छोटे-बड़े वाहनों पर लगे लाउडस्पीकरों, डीजे या पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से प्रचार-प्रसार या संगीत चला रहे हैं। यह देखा जा रहा है कि कई मामलों में ध्वनि स्तर निर्धारित डेसिबल सीमा से अधिक हो रहा है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सीबीएसई और आईसीएसई परीक्षा एवं एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा संचालित बोर्ड परीक्षाएँ 2026 के इस संवेदनशील समय में तय डेसिबल सीमा से अधिक ध्वनि पाए जाने पर संबंधित वाहनों/प्रत्याशियों/रेस्टोरेंट संचालको/आयोजकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें वाहन/उपकरण जब्ती, जुर्माना तथा आवश्यकता पड़ने पर अन्य कानूनी कार्रवाई शामिल होगी।
इसके अतिरिक्त, शहर के विभिन्न स्थानों एवं निर्धारित प्रतिबंधित क्षेत्र, बार,ओपन रेस्टोरेंट तथा अन्य सार्वजनिक/निजी स्थानों पर देर रात तक निर्धारित समय से अधिक ध्वनि प्रदूषण किया जा रहा है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है। उनपर भी जिला प्रशासन द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विशेष ध्यान दे – सीबीएसई और आईसीएसई परीक्षा एवं एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा संचालित बोर्ड परीक्षाएँ 2026 के मद्देनजर
- वर्तमान समय में छात्र-छात्राओं की सीबीएसई और आईसीएसई एवं एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा संचालित बोर्ड परीक्षाएँ 2026 चल रही हैं/ अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण से उनकी पढ़ाई, एकाग्रता तथा परीक्षा की तैयारी में गंभीर बाधा उत्पन्न हो रही है।
- साथ ही, वृद्धजन, गर्भवती महिलाएँ तथा विभिन्न बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भी इससे काफी परेशानी हो रही है, जो उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
ध्वनि प्रदूषण के प्रमुख निर्धारित मानक (Noise Pollution Rules, 2000 के अनुसार):
- आवासीय क्षेत्र — दिन में 55 dB(A), रात में 45 dB(A)
- वाणिज्यिक क्षेत्र — दिन में 65 dB(A), रात में 55 dB(A)
- लाउडस्पीकर/पब्लिक एड्रेस सिस्टम — रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बिना लिखित अनुमति के पूर्णतः प्रतिबंधित।
- किसी भी सार्वजनिक स्थान पर लाउडस्पीकर से ध्वनि सीमा ambient standard से 10 dB(A) अधिक नहीं होनी चाहिए (या अधिकतम 75 dB(A) तक, जो भी कम हो)।
- निजी स्थान पर भी peripheral noise 5 dB(A) से अधिक नहीं बढ़ सकती।
झारखंड उच्च न्यायालय ने राँची सहित पूरे राज्य में ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए कई बार सख्त निर्देश दिए हैं, जिसमें लाउडस्पीकर/डीजे पर रात्रि प्रतिबंध, अनुमति की अनिवार्यता तथा उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई शामिल है।
जिला प्रशासन की अपील एवं चेतावनी:
- सभी राजनीतिक दल, प्रत्याशी, बार/रेस्टोरेंट संचालक, आयोजक तथा आम नागरिकों से अनुरोध है कि ध्वनि प्रदूषण नियमों का पूर्ण अनुपालन करें।
- बोर्ड परीक्षा काल में छात्रों की एकाग्रता तथा मरीजों की शांति बनाए रखने के लिए विशेष संवेदनशीलता बरतें।
- उल्लंघन की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस थाना, अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय या जिला नियंत्रण कक्ष में दें।
- उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध ध्वनि प्रदूषण नियमों के अंतर्गत तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जिला प्रशासन ध्वनि प्रदूषण मुक्त, शांतिपूर्ण एवं स्वास्थ्यवर्धक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, विशेषकर परीक्षा अवधि में। सभी का सहयोग अपेक्षित है।




