झामुमो का कहना है कि पिछले 2 वर्षों से लगातार चांडिल–टाटा सेक्शन पर यात्रियों को झुलाया जा रहा है। हर रोज़ दर्जनों यात्री ट्रेनें घंटों लेट — और उसी ट्रैक पर मालगाड़ियाँ बिना रुके निकल जाती हैं।आज हालत ये है कि जो सफर पहले 3-6 घंटे में होता था, वह 8-12 घंटे तक खिंच रहा है।धिक्कार है।
मामले पर पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष हेमन्त सोरेन ने भी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि चांडिल-टाटा रेल सेक्शन की स्थिति अब अस्वीकार्य हो चुकी है। सीएम हेमन्त सोरेन ने रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw से आग्रह किया कि चांडिल–टाटा सेक्शन में यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता दी जाए । लंबित रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। ट्रेन लेट होने की समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। देश के सभी रेल यात्री एवं झारखंड के नागरिकों की सुविधा एवं गरिमा से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सीएम का कहना है कि पिछले 2 वर्षों से यात्री ट्रेनें लगातार घंटों लेट चल रही हैं, जबकि उसी ट्रैक पर मालगाड़ियों की निर्बाध आवाजाही जारी है। इसका सीधा असर सभी रेल यात्रियों और खास कर के झारखंड के हजारों दैनिक यात्रियों, श्रमिकों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ रहा है।यह केवल परिचालन का मुद्दा नहीं, बल्कि प्राथमिकता तय करने का प्रश्न है।
क्या रेलवे के हिसाब से झारखंड के लोगों का समय भी उतना ही मूल्यवान है जितना देश की अर्थव्यवस्था के लिए माल परिवहन।




