महिला मंडल द्वारा निर्मित सेनेटाइजर

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कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी से निपटने के लिए सरकार ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की महिलाओं की सहायता से इस आपदा कालीन में निःस्वार्थ भाव से हर क्षेत्र में इनके द्वारा सराहनीय कार्य जैसे : – चाहे वह खाद्य पेय पदार्थ हो स्वस्थ्य के संदर्भ में मेडिसिनल प्लांट से निर्मित सैनिटाइज़र एवं मास्क ही क्यों न हो , वे बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहीं है ।

झारखण्ड के खूंटी डिस्ट्रिक्ट की सखी मंडली की महिलाएँ COVID-19 महामारी के खिलाफ अपनी लड़ाई में मेडिसिनल प्लांट्स के साथ कई और सारी सामग्रियों को मिला कर हैंड सेनेटाइजर बना रही है । जिसमे हाथो से निर्मित सैनिटाइज़र में अल्कोहल की मात्रा 72 प्रतिशत है, ग्लिसरीन 13 प्रतिशत है, शुद्ध जल 13 प्रतिशत है और तुलसी या लेमनग्रास 2 प्रतिशत है।

सूत्रों के अनुसार एक सरकारी अधिकारी का कहना है कि लेमन ग्रास और तुलसी का तेल हैंड सेनेटाइजर कि प्रभावशीलता को बढ़ाता है। अधिकारी का ऐसा कहना है कि खुंटी में कुल 225 लीटर हैंड सैनिटाइजर का निर्माण ‘सखी मंडल’ द्वारा किया गया है और अगले दो दिनों में इसकी मात्रा बढ़ाकर 1,000 लीटर कर दी जाएगी। हैंड सैनिटाइज़र को 100 मिलीलीटर, 250 मिलीलीटर और 500 मिलीलीटर की बोतलों के माध्यम से ज़रूरतमंद लोगों तक पहुंचने का काम किया जा रहा है ।

सूत्रों का कहना है कि खूंटी जिले के पनिकाडा गाँव में अनिगाडा ग्रामीण सेवा केंद्र में खूंटी जिला प्रशासन और झारखंड राज्य आजीविका सोसाइटी की मदद से COVID -19 के खिलाफ लड़ाई में “सखी मंडल की महिलाओ द्वारा सुबह 8 बजे से 11 बजे के बीच विभिन्न स्थानों पर सड़क के किनारे स्टाल लगाने की योजना है, ताकि आम लोगों के लिए हैंड सेनिटाइज़र सुलभ हो सके “।

इस बीच, एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि टाटा कंपनी द्वारा 10 करोड़ रुपये और अदानी समूह द्वारा एक करोड़ रुपये कोरोनोवायरस महामारी से लड़ने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में दान किए गए।

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