15 अगस्त को लांच होगी किसानों की ऋण माफी योजना

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JHARKHAND KISHANरांची : छोटे और सीमांत किसानों की ऋण माफी की बजट घोषणा को अब सरकार शीघ्र अमल में लाने वाली है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 15 अगस्त को राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना की सांकेतिक रूप से शुरुआत करेंगे। कर्ज माफी योजना से जुड़ी सरकारी प्रक्रिया को आगे पूरा किया जाएगा। बता दें कि किसानों की ऋण माफी के लिए राज्य सरकार ने बजट में दो हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

नेपाल हाउस सचिवालय में गुरुवार को कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख की अध्यक्षता में किसानों की ऋण माफी योजना को लेकर एक अहम बैठक बुलाई गई है। बैठक में वित्त सचिव, आइटी सचिव, कृषि सचिव, कृषि निदेशक और कृषि विभाग के अन्य अधिकारी, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के संयोजक भाग लेंगे।

बैठक में कर्ज माफी को लेकर अंतिम रूप से एसओपी पर मंथन किया जाएगा।

राज्य में पांच लाख से अधिक किसान कर्ज में डूबे हुए हैं। सर्वाधिक कर्ज किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से लिया गया है। एसएलबीसी की 31 मार्च तक की रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ केसीसी का एनपीए 1804 करोड़ पहुंच गया है, जबकि किसानों की संख्या 4,75,011 है।

एसएलबीसी तैयार कर रहा अलग पोर्टल

किसानों की कर्जमाफी को लेकर पूर्व में हुई बैठकों में निर्णय लिया गया था कि राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) कर्ज में डूबे किसानों का अलग से एक पोर्टल तैयार करेगा। इस पोर्टल में सभी बैंकों का समेकित रूप से डाटा रखा जाएगा। पोर्टल में कर्ज लेने वाले प्रत्येक किसान का विस्तृत ब्योरा और कर्ज की श्रेणी भी होगी। मसलन 50 हजार तक का ऋण लेने वाले किसानों का अलग फोल्डर होगा, जबकि 50 हजार से एक लाख तक का अलग। इसी प्रकार इससे अधिक ऋण लेने वालों का ब्योरा अलग से होगा। राज्य सरकार उसी पोर्टल से किसानों का ब्योरा लेगी।

50 हजार तक का ऋण होगा माफ

राज्य सरकार ने बजट घोषणा के साथ ही यह भी स्पष्ट किया था कि फिलहाल 50 हजार रुपये तक का किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा। 50 हजार से ज्यादा के बकायेदारों की बकाया राशि में 50 हजार रुपये माफ कर दिये जाएंगे, जबकि शेष राशि उन्हें चुकता करनी होगी।

किसानों पर आठ हजार करोड़ का कर्ज, बजट में दो हजार करोड़ का प्रावधान

राज्य सरकार के स्तर से किसानों की कर्ज माफी को लेकर की गई पूर्व की बैठकों में यह बात सामने आई थी कि राज्य के किसानों पर सात से आठ हजार करोड़ का कर्ज है। फिलहाल बजट में दो हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। जाहिर है बजट में प्रावधानित राशि से किसानों का पूरा ऋण नहीं सधेगा। ऐसी स्थिति में अगले वर्ष भी यह योजना जारी रखी जा सकती है।

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मुख्यमंत्री किसान आशीर्वाद योजना की जगह लाई गई कर्ज माफी योजना

सरकारों के बदलने के साथ ही उनके एजेंडे भी बदल जाते हैं। पूर्व की सरकार ने मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना की शुरुआत की थी। इसमें पीएम किसान योजना की तर्ज पर प्रति एकड़ किसानों को पांच हजार रुपये सीधे उनके खाते में दिए जाने का प्रावधान किया गया था। गत वित्तीय वर्ष के बजट में इसके लिए दो हजार रुपये का प्रावधान किया गया था। इसी राशि को किसानों की ऋण माफी योजना में कन्वर्ट किया गया है।

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