सोशल डिस्टन्सिंग को नज़र अंदाज़ कर मज़दूर अपने राज्य को लौट रहे

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झारखण्ड में अभी तक कोरोना का एक भी पॉजिटिव केस सामने नहीं आया और झारखंड अभी तक संक्रमण से बचा हुआ है फिर भी सरकार पूरी सावधानी बरत रही है। लॉक डाउन का पूरी तरह से पालन करने की कोशिश की जा रही है । लेकिन,जिस तरह दूसरे राज्यों से लोग बिना जांच कराए आ रहे हैं,वो खतरनाक साबित हो सकता है। बिहार, यूपी,छत्तीसगढ़ ,बांग्ला से मजदूरों का अपने राज्यों की तरफ आना जारी है और झारखण्ड से भी कुछ मजदुर अपने राज्यों में जा रहे है । पश्चिम बंगाल से लगने वाले आसनसोल बॉर्डर पर आवाजाही ज्यादा है। पैदल ही लोग अपने घर को निकल पड़े है । बेवजह घूम रहे वाहन चालकों से पुलिस ने पूछताछ की। सब्जी मंडियों व राशन दुकानों पर भीड़ कम दिखी, कई सब्जी मंडियों और मुख्य चौराहों पर पुलिस मुस्तैदी से हालात संभल रही थी ।

जमशेदपुर शहर के सोनारी नया पुल के पास बनाए गए चेकपोस्ट पर बाहर से आ रहे लोगों की मेडिकल जांच हो रही है। चेकपोस्ट पर बाहर से आनेवाले लोगो को रोककर थर्मल स्क्रीनिंग के बाद उन्हें शहर में प्रवेश करने की इजाजत दी जा रही है। वहीं, पारडीह चेक पोस्ट पर भी कोरोनावायरस से बचाव के लिए बाहर से आने वालों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। यहां स्वास्थ्य विभाग, मानगो नगर निगम और पुलिस संयुक्त रूप से बाहर से आ रहे लोगों की जांच कर रही है।

छठ जैसा पवन पर्व जल्द ही आने को है झारखंड, बिहार, यूपी में छठ पर्व का काफी महत्व है। इस बार भी लोग हमेशा की तरह ही पूजा करना चाहते है मगर कोरोना वायरस के कारण लगे लॉक डाउन लगता है लोग अपने अपने घर पर ही इस बार पूजा कर छठ मनाएंगे ।

लॉक डाउन के इस समय में गरीब लोगो को खाना न मिलने क वजह से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है the News mirchi की रिपोर्ट के अनुसार लोयाबाद थाना प्रभारी रमेशचन्द्र सिंह के द्वारा लोयाबाद थाना के सामने कोरोना को लेकर गरीब असहाय लोगों के लिए कम्युनिटी किचन का प्रबंध किया गया जिसमें करीब 150 गरीब असहाय लोगों के बीच भोजन का वितरण किया गया।

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